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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 866

नंबर 866किताब 9, नंबर 59
يَحْيَى بْنُ يَمَانٍ، عَنْ شَرِيكٍ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ طَافَ بِالْبَيْتِ خَمْسِينَ مَرَّةً خَرَجَ مِنْ ذُنُوبِهِ كَيَوْمِ وَلَدَتْهُ أُمُّهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَنَسٍ وَابْنِ عُمَرَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏ سَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا الْحَدِيثِ فَقَالَ إِنَّمَا يُرْوَى هَذَا عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَوْلُهُ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:"Whoever performed Tawaf around the House fifty time, he will be as free of his sins as the day his mother bore him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।