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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 867

नंबर 867किताब 9, नंबर 60
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ أَيُّوبَ السَّخْتِيَانِيِّ قَالَ كَانُوا يَعُدُّونَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ أَفْضَلَ مِنْ أَبِيهِ ‏.‏ وَلِعَبْدِ اللَّهِ أَخٌ يُقَالُ لَهُ عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ وَقَدْ رَوَى عَنْهُ أَيْضًا ‏.‏
Ayyub As-Sakhtiyani said:"We considered Abdullah bin Sa'eed bin Jubair to be better than his father, and he had a brother named Abdul-Malik bin Sa'eed bin Jubair who also reported from him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।