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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 865

नंबर 865किताब 9, नंबर 58
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ هِلاَلٍ الصَّوَّافُ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ بْنُ سَعِيدٍ، وَعَبْدُ الْوَهَّابِ الثَّقَفِيُّ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ طَافَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَلَى رَاحِلَتِهِ فَإِذَا انْتَهَى إِلَى الرُّكْنِ أَشَارَ إِلَيْهِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ جَابِرٍ وَأَبِي الطُّفَيْلِ وَأُمِّ سَلَمَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ كَرِهَ قَوْمٌ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنْ يَطُوفَ الرَّجُلُ بِالْبَيْتِ وَبَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ رَاكِبًا إِلاَّ مِنْ عُذْرٍ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:"The Prophet performed Tawaf upon his mount, so when he arrived at the (Black Stone) corner, he pointed to it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।