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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3889

नंबर 3889किताब 49, नंबर 289
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ أَبِي حُصَيْنٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زِيَادٍ الأَسَدِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ عَمَّارَ بْنَ يَاسِرٍ، يَقُولُ هِيَ زَوْجَتُهُ فِي الدُّنْيَا وَالآخِرَةِ ‏.‏ يَعْنِي عَائِشَةَ رضى الله عنها ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيِّ ‏.‏
Narrated 'Ammar bin Yasir:"She is his wife in the world and in the Hereafter." - meaning: 'Aishah [may Allah be pleased with her]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।