सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3887

नंबर 3887किताब 49, नंबर 287
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَعْمَرٍ الأَنْصَارِيِّ، عَنْ أَنَسِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فَضْلُ عَائِشَةَ عَلَى النِّسَاءِ كَفَضْلِ الثَّرِيدِ عَلَى سَائِرِ الطَّعَامِ ‏"‏ ‏. وَفِي الْبَابِ عَنْ عَائِشَةَ وَأَبِي مُوسَى ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَعْمَرٍ هُوَ أَبُو طُوَالَةَ الأَنْصَارِيُّ الْمَدَنِيُّ ثِقَةٌ وَقَدْ رَوَى عَنْهُ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:that the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The virtue of 'Aishah over women is like the virtue of Tharid over all other foods
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।