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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 3886

नंबर 3886किताब 49, नंबर 286
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعِيدٍ الْجَوْهَرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الأُمَوِيُّ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ، أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَنْ أَحَبُّ النَّاسِ إِلَيْكَ قَالَ ‏"‏ عَائِشَةُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ مِنَ الرِّجَالِ قَالَ ‏"‏ أَبُوهَا ‏"‏ ‏.‏ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ إِسْمَاعِيلَ عَنْ قَيْسٍ ‏.‏
Narrated 'Amr bin Al-'As:that he said to the Messenger of Allah (ﷺ): "Who is the most beloved of the people to you?" He said: "'Aishah." He said: "From the men?" He said: "Her farther
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · Chapters on Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।