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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2601

नंबर 2601किताब 39, नंबर 29
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَا رَأَيْتُ مِثْلَ النَّارِ نَامَ هَارِبُهَا وَلاَ مِثْلَ الْجَنَّةِ نَامَ طَالِبُهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ إِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ ‏.‏ وَيَحْيَى بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ ضَعِيفٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ تَكَلَّمَ فِيهِ شُعْبَةُ وَيَحْيَى بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ هُوَ ابْنُ مَوْهَبٍ وَهُوَ مَدَنِيٌّ ‏.‏
Abu Hurairah narrated that the Messenger of Allah (s.a.w) said:"I have not seen the likes of the Fire in which the one who runs from it sleeps, nor the likes of Paradise in which the one who seeks it sleeps
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।