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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2600

नंबर 2600किताब 39, नंबर 28
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ ذَكْوَانَ، عَنْ أَبِي رَجَاءٍ الْعُطَارِدِيِّ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَيَخْرُجَنَّ قَوْمٌ مِنْ أُمَّتِي مِنَ النَّارِ بِشَفَاعَتِي يُسَمَّوْنَ الْجَهَنَّمِيُّونَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَأَبُو رَجَاءٍ الْعُطَارِدِيُّ اسْمُهُ عِمْرَانُ بْنُ تَيْمٍ وَيُقَالُ ابْنُ مِلْحَانَ ‏.‏
Imran bin Husain narrated that the Prophet (s.a.w) said:'A group from my Ummah will depart from the Fire through my intercession, and they will be called the Jahannamiyyun
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।