सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2602

नंबर 2602किताब 39, नंबर 30
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ أَبِي رَجَاءٍ الْعُطَارِدِيِّ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اطَّلَعْتُ فِي الْجَنَّةِ فَرَأَيْتُ أَكْثَرَ أَهْلِهَا الْفُقَرَاءَ وَاطَّلَعْتُ فِي النَّارِ فَرَأَيْتُ أَكْثَرَ أَهْلِهَا النِّسَاءَ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Abbas narrated that the Messenger Of Allah (s.a.w) said:"I looked into Paradise and I saw that the most of its people were the poor; and I looked into the Fire and I saw that most of its people were women
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।