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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2580

नंबर 2580किताब 39, नंबर 8
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنِ الْفَضْلِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي الْمُخَارِقِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ الْكَافِرَ لَيُسْحَبُ لِسَانُهُ الْفَرْسَخَ وَالْفَرْسَخَيْنِ يَتَوَطَّؤُهُ النَّاسُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ إِنَّمَا نَعْرِفُهُ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ ‏.‏ وَالْفَضْلُ بْنُ يَزِيدَ هُوَ كُوفِيٌّ قَدْ رَوَى عَنْهُ غَيْرُ وَاحِدٍ مِنَ الأَئِمَّةِ وَأَبُو الْمُخَارِقِ لَيْسَ بِمَعْرُوفٍ ‏.‏
Ibn 'Umar narrated that the Messenger of Allah (s.a.w) said:'Indeed the disbeliever's tongue will be stretched a Farsakh or two Farsakh, such that the people will walk upon it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।