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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2581

नंबर 2581किताब 39, नंबर 9
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا رِشْدِينُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ دَرَّاجٍ، عَنْ أَبِي الْهَيْثَمِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي قَوْلِهِ‏:‏ ‏(‏كَالْمُهْلِ ‏)‏ قَالَ ‏ "‏ كَعَكَرِ الزَّيْتِ فَإِذَا قَرَّبَهُ إِلَى وَجْهِهِ سَقَطَتْ فَرْوَةُ وَجْهِهِ فِيهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ رِشْدِينَ بْنِ سَعْدٍ ‏.‏ وَرِشْدِينُ قَدْ تُكُلِّمَ فِيهِ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ ‏.‏
Abu Sa'eed narrated regarding His (Allah's) statement:Kal Muhl, the Prophet (s.a.w)said: 'Like boiling oil, such that when it is brought close to his face, the skin of his face will fall off into it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · The Book on the Description of Hellfire

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।