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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 381

नंबर 381किताब 2, नंबर 233
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا عَبَّادُ بْنُ الْعَوَّامِ، أَخْبَرَنَا مَيْمُونٌ أَبُو حَمْزَةَ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، مَوْلَى طَلْحَةَ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ رَأَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم غُلاَمًا لَنَا يُقَالُ لَهُ أَفْلَحُ إِذَا سَجَدَ نَفَخَ فَقَالَ ‏ "‏ يَا أَفْلَحُ تَرِّبْ وَجْهَكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ وَكَرِهَ عَبَّادُ بْنُ الْعَوَّامِ النَّفْخَ فِي الصَّلاَةِ وَقَالَ إِنْ نَفَخَ لَمْ يَقْطَعْ صَلاَتَهُ ‏.‏ قَالَ أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ وَبِهِ نَأْخُذُ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ أَبِي حَمْزَةَ هَذَا الْحَدِيثَ وَقَالَ مَوْلًى لَنَا يُقَالُ لَهُ رَبَاحٌ ‏.‏
Umm Salamah narrated:"The Prophet (S) saw a boy of ours - called Aflah - blowing when he prostrated. So he said: 'O Aflah! Put your face in the dirt
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।