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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 380

नंबर 380किताब 2, नंबर 232
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ مُعَيْقِيبٍ، قَالَ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ مَسْحِ الْحَصَى فِي الصَّلاَةِ فَقَالَ ‏ "‏ إِنْ كُنْتَ لاَ بُدَّ فَاعِلاً فَمَرَّةً وَاحِدَةً ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Mu'aiqib narrated:"I asked Allah's Messenger (S) about smoothening the pebbles during Salat. He said: 'If you must do so, then let it be only once
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।