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सुनन नसाई

नंबर 498

नंबर 498किताब 6, नंबर 5
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ شُعْبَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي حَمْزَةُ الْعَائِذِيُّ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا نَزَلَ مَنْزِلاً لَمْ يَرْتَحِلْ مِنْهُ حَتَّى يُصَلِّيَ الظُّهْرَ ‏.‏ فَقَالَ رَجُلٌ وَإِنْ كَانَتْ بِنِصْفِ النَّهَارِ قَالَ وَإِنْ كَانَتْ بِنِصْفِ النَّهَارِ ‏.‏
Hamzah Al-'A'idhi said:"I heard Anas bin Malik say: 'When the Prophet (ﷺ) halted, he would not move on until he had prayed Zuhr.' A man said: 'Even if it was the middle of the day?' He said: 'Even if it was the middle of the day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।