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सुनन नसाई

नंबर 499

नंबर 499किताब 6, नंबर 6
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ، مَوْلَى بَنِي هَاشِمٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ دِينَارٍ أَبُو خَلْدَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا كَانَ الْحَرُّ أَبْرَدَ بِالصَّلاَةِ وَإِذَا كَانَ الْبَرْدُ عَجَّلَ ‏.‏
Khalid bin Dinar Abu Khaldah said:"I heard Anas bin Malik say: 'When it was hot, the Messenger of Allah (ﷺ) would wait until it cooled down to pray, and when it was cold he would hasten to pray
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।