सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4787

नंबर 4787किताब 45, नंबर 82
أَخْبَرَنَا ‏{‏ أَحْمَدُ بْنُ، ‏}‏ إِبْرَاهِيمَ بْنِ مُحَمَّدٍ قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ عَائِذٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، - هُوَ ابْنُ حَمْزَةَ - قَالَ حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ قُتِلَ لَهُ قَتِيلٌ ‏"‏ ‏.‏ مُرْسَلٌ ‏.‏
Abu Salamah narrated that the Messenger of Allah said:"If a person's relative is killed." In Mursal form. (Shah)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।