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सुनन नसाई

नंबर 4788

नंबर 4788किताब 45, नंबर 83
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ الأَوْزَاعِيِّ، قَالَ حَدَّثَنِي حِصْنٌ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ، ح وَأَنْبَأَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، قَالَ حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي حِصْنٌ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَلَمَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ وَعَلَى الْمُقْتَتِلِينَ أَنْ يَنْحَجِزُوا الأَوَّلَ فَالأَوَّلَ وَإِنْ كَانَتِ امْرَأَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah that the Messenger of Allah said:"And it is upon those (relatives) of the killed one to block (any punishment) the first (in line) then the first, even if that one is a woman
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।