सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 4786

नंबर 4786किताब 45, नंबर 81
أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ بْنِ مَزْيَدَ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي قَالَ، حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ قُتِلَ لَهُ قَتِيلٌ فَهُوَ بِخَيْرِ النَّظَرَيْنِ إِمَّا أَنْ يُقَادَ وَإِمَّا أَنْ يُفْدَى ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'If a person's relative is killed, he has the choice of two things: Either he may retaliate, or he may take the ransom
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 45 · The Book of Oaths (qasamah), Retaliation and Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।