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सुनन नसाई

नंबर 4417

नंबर 4417किताब 43, नंबर 57
أَخْبَرَنَا الْقَاسِمُ بْنُ زَكَرِيَّا بْنِ دِينَارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُصْعَبُ بْنُ الْمِقْدَامِ، عَنِ الْحَسَنِ، - يَعْنِي ابْنَ صَالِحٍ - عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ لَقَدْ رَأَيْتُهُ - يَعْنِي النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم - يَذْبَحُهُمَا بِيَدِهِ وَاضِعًا عَلَى صِفَاحِهِمَا قَدَمَهُ يُسَمِّي وَيُكَبِّرُ كَبْشَيْنِ أَمْلَحَيْنِ أَقْرَنَيْنِ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"I saw him: - meaning the Prophet - "slaughtering them with his own hand, and placing his foot on their sides, pronouncing the name of Allah and saying: 'Allah Akbar,' (sacrificing) two horned, Amlah rams." (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।