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सुनन नसाई

नंबर 4418

नंबर 4418किताब 43, नंबर 58
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - يَعْنِي ابْنَ زُرَيْعٍ - قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، أَنَّ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، حَدَّثَهُمْ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ضَحَّى بِكَبْشَيْنِ أَقْرَنَيْنِ أَمْلَحَيْنِ يَطَؤُ عَلَى صِفَاحِهِمَا وَيَذْبَحُهُمَا وَيُسَمِّي وَيُكَبِّرُ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik told them that:the Prophet sacrificed two Amlah horned rams, putting his foot on their sides and slaughtering them pronouncing the name of Allah, and saying: Allahu Akbar."" (Sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of ad-Dahaya (Sacrifices)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।