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सुनन नसाई

नंबर 3663

नंबर 3663किताब 30, नंबर 53
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ الْهَمْدَانِيُّ، عَنْ عَبْدَةَ، عَنْ هِشَامٍ، - هُوَ ابْنُ عُرْوَةَ - عَنْ بَكْرِ بْنِ وَائِلٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ جَاءَ سَعْدُ بْنُ عُبَادَةَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ إِنَّ أُمِّي مَاتَتْ وَعَلَيْهَا نَذْرٌ وَلَمْ تَقْضِهِ قَالَ ‏ "‏ اقْضِهِ عَنْهَا ‏"‏‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:Sa'd bin 'Ubadah came to the Prophet and said: "My mother has died and she had a vow to fulfill but she did not do so." He said: "Fulfill it on her behalf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।