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सुनन नसाई

नंबर 3662

नंबर 3662किताब 30, नंबर 52
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ اسْتَفْتَى سَعْدُ بْنُ عُبَادَةَ الأَنْصَارِيُّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي نَذْرٍ كَانَ عَلَى أُمِّهِ فَتُوُفِّيَتْ قَبْلَ أَنْ تَقْضِيَهُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اقْضِهِ عَنْهَا ‏"‏‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"Sa'd bin 'Ubadah Al-Ansari consulted the Messenger of Allah about an (outstanding) vow that his mother had to fulfill, but she died before doing so. The Messenger of Allah said: 'Fulfill it on her behalf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।