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सुनन नसाई

नंबर 3661

नंबर 3661किताब 30, नंबर 51
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ سَعْدٍ، أَنَّهُ قَالَ مَاتَتْ أُمِّي وَعَلَيْهَا نَذْرٌ فَسَأَلْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم فَأَمَرَنِي أَنْ أَقْضِيَهُ عَنْهَا‏.‏
Muhammad bin 'Abdullah bin Yazid said:"Sufyan narrated to us from Az-Zuhri, from 'Ubaidullah bin 'Abdullah, from Ibn 'Abbas, that Sa'd said: 'My mother died and there was an (outstanding) vow that she had to fulfill. I asked the Prophet and he told me to fulfill it on her behalf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।