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सुनन नसाई

नंबर 3664

नंबर 3664किताब 30, नंबर 54
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَادَةَ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أُمِّي مَاتَتْ أَفَأَتَصَدَّقُ عَنْهَا قَالَ ‏"‏ نَعَمْ ‏"‏‏.‏ قُلْتُ فَأَىُّ الصَّدَقَةِ أَفْضَلُ قَالَ ‏"‏ سَقْىُ الْمَاءِ ‏"‏‏.‏
It was narrated that Sa'd bin 'Ubadah said:"I said: 'O Messenger of Allah, my mother has died; shall I give in charity on her behalf?' He said: 'Yes.' I said: 'What kind of charity is best?' He said: 'Providing drinking water
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 30 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।