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सुनन नसाई

नंबर 3062

नंबर 3062किताब 24, नंबर 445
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَرْمِي الْجَمْرَةَ وَهُوَ عَلَى بَعِيرِهِ وَهُوَ يَقُولُ ‏ "‏ يَا أَيُّهَا النَّاسُ خُذُوا مَنَاسِكَكُمْ فَإِنِّي لاَ أَدْرِي لَعَلِّي لاَ أَحُجُّ بَعْدَ عَامِي هَذَا ‏"‏ ‏.‏
Abu Az-Zubair narrated that he heard Jabir bin Abdullah say:"I saw the Messneger of Allah stone the Jamrat while on his camel saying: "O people, learn your rituals (of Hajj) for I do not know whether I will perform Hajj again after this year
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।