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सुनन नसाई

नंबर 3023

नंबर 3023किताब 24, नंबर 406
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، أَنَّهُ سُئِلَ عَنْ مَسِيرِ النَّبِيِّ، صلى الله عليه وسلم فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ قَالَ كَانَ يَسِيرُ الْعَنَقَ فَإِذَا وَجَدَ فَجْوَةً نَصَّ وَالنَّصُّ فَوْقَ الْعَنَقِ ‏.‏
It was narrated from Usmah bin Zaid that he was asked how the Prophet traveled during the Farewell pilgrimage. He said:"He used to ride at a moderately fast pace, and when he came upon some open space he would gallop
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।