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सुनन नसाई

नंबर 2955

नंबर 2955किताब 24, नंबर 338
أَخْبَرَنَا بِشْرُ بْنُ هِلاَلٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، عَنْ خَالِدٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَطُوفُ بِالْبَيْتِ عَلَى رَاحِلَتِهِ فَإِذَا انْتَهَى إِلَى الرُّكْنِ أَشَارَ إِلَيْهِ ‏.‏
It was narrated from Abdullah bin Abbas that:the Messenger of Allah used to circumambulate the House on his mount, and when he reached the Corner be pointed to it." (Sahih) Chpater 161. They Saying Of Allah, The Mighty And Sublimse: "Take Your Adornment To Every Masjid
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।