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सुनन नसाई

नंबर 2954

नंबर 2954किताब 24, नंबर 337
أَخْبَرَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، وَسُلَيْمَانُ بْنُ دَاوُدَ، عَنِ ابْنِ وَهْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم طَافَ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ عَلَى بَعِيرٍ يَسْتَلِمُ الرُّكْنَ بِمِحْجَنٍ ‏.‏
It was narrated from Abdullah bin Abbas that:the Messenger of Allah circumambulated (the Kabah) during the Farewell Pilgrimage on a camel, touching the Corner with a crook-ended stick
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।