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सुनन नसाई

नंबर 2923

नंबर 2923किताब 24, नंबर 306
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ أَنْبَأَنَا السِّينَانِيُّ، عَنْ حَنْظَلَةَ بْنِ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ طَاوُسٍ، قَالَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ أَقِلُّوا الْكَلاَمَ فِي الطَّوَافِ فَإِنَّمَا أَنْتُمْ فِي الصَّلاَةِ ‏.‏
Abdullah bin Umar said:"Speak little when you are perfoming Tawaf for you are in a state of Salah". (Sahih Mawquf)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MauqufAbu Ghuddah
  • Sahih Isnaad MauqufAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।