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सुनन नसाई

नंबर 2924

नंबर 2924किताब 24, नंबर 307
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَابَاهْ، عَنْ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يَا بَنِي عَبْدِ مَنَافٍ لاَ تَمْنَعُنَّ أَحَدًا طَافَ بِهَذَا الْبَيْتِ وَصَلَّى أَىَّ سَاعَةٍ شَاءَ مِنْ لَيْلٍ أَوْ نَهَارٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jubair bin Mutim that the Prophet said:"O Banu Abd Manaf, do not prevent anyone from circumambulating this House of praying at any time of the night or day he wishes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।