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सुनन नसाई

नंबर 2922

नंबर 2922किताब 24, नंबर 305
أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي الْحَسَنُ بْنُ مُسْلِمٍ، ح وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ، عَنِ ابْنِ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي ابْنُ جُرَيْجٍ، عَنِ الْحَسَنِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنْ رَجُلٍ، أَدْرَكَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الطَّوَافُ بِالْبَيْتِ صَلاَةٌ فَأَقِلُّوا مِنَ الْكَلاَمِ ‏"‏ ‏.‏ اللَّفْظُ لِيُوسُفَ ‏.‏ خَالَفَهُ حَنْظَلَةُ بْنُ أَبِي سُفْيَانَ ‏.‏
It was narrated from Tawus from a man who met the Prophet, that he said:"Tawaf of the House is a form of Salah, so speak little." (Sahih Mawquf) This is the wording of Yu8saf, which was contradicted by Hanzalah bin Abi sufyan:
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।