सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2921

नंबर 2921किताब 24, नंबर 304
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ، قَالَ حَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ الأَحْوَلُ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ مَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِرَجُلٍ يَقُودُهُ رَجُلٌ بِشَىْءٍ ذَكَرَهُ فِي نَذْرٍ فَتَنَاوَلَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فَقَطَعَهُ قَالَ إِنَّهُ نَذْرٌ ‏.‏
It was narrated that Ibn Abbas said:"The Messenger of Allab passed by a man who was leading another man with something that he had stipulated in a vow. The Prophet took it and broke it, and he said: 'It is a vow.'" (Sahih) Chatper 136. It Is Permissible To Speak During Tawaf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।