सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2822

नंबर 2822किताब 24, नंबर 205
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ أَهْدَى الصَّعْبُ بْنُ جَثَّامَةَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رِجْلَ حِمَارِ وَحْشٍ تَقْطُرُ دَمًا وَهُوَ مُحْرِمٌ وَهُوَ بِقُدَيْدٍ فَرَدَّهَا عَلَيْهِ ‏.‏
It was narrated that Ibn Abbas said:"As-Sab bin Jaththamah gave the Messenger of Allah the leg of an onager that was dripping with blood when he was in Ihram, at Qudaid, and he returned it to him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।