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सुनन नसाई

नंबर 2823

नंबर 2823किताब 24, नंबर 206
أَخْبَرَنَا يُوسُفُ بْنُ حَمَّادٍ الْمَعْنِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ حَبِيبٍ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنِ الْحَكَمِ، وَحَبِيبٍ، - وَهُوَ ابْنُ أَبِي ثَابِتٍ - عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ الصَّعْبَ بْنَ جَثَّامَةَ، أَهْدَى لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم حِمَارًا وَهُوَ مُحْرِمٌ فَرَدَّهُ عَلَيْهِ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas:That As-Sab bin Jaththamah gave the Prophet some onager (meat) when he was in Ihram and he returned it to him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।