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सुनन नसाई

नंबर 2821

नंबर 2821किताब 24, नंबर 203
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالَ أَنْبَأَنَا قَيْسُ بْنُ سَعْدٍ، عَنْ عَطَاءٍ، أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ، قَالَ لِزَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ مَا عَلِمْتَ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أُهْدِيَ لَهُ عُضْوُ صَيْدٍ وَهُوَ مُحْرِمٌ فَلَمْ يَقْبَلْهُ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
It was narrated from 'Ata' that Ibn 'Abbas said to Zaid bin Arqam:"Do you not know that the Prophet was given a piece of game meant when he was in Ihram and he did not accept it?" He said: "Yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।