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सुनन नसाई

नंबर 2820

नंबर 2820किताब 24, नंबर 202
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ صَالِحِ بْنِ كَيْسَانَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ الصَّعْبِ بْنِ جَثَّامَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَقْبَلَ حَتَّى إِذَا كَانَ بِوَدَّانَ رَأَى حِمَارَ وَحْشٍ فَرَدَّهُ عَلَيْهِ وَقَالَ ‏ "‏ إِنَّا حُرُمٌ لاَ نَأْكُلُ الصَّيْدَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from As-Sab bin Jaththamah that:the Prophet came, and when he was in Waddan, he saw an onager, but he gave it back to him and said: "'We are in Ihram, we cannot eat game
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।