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सुनन नसाई

नंबर 2687

नंबर 2687किताब 24, नंबर 69
أَخْبَرَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَبُو عُبَيْدِ اللَّهِ الْمَخْزُومِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ طَيَّبْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لِحُرْمِهِ حِينَ أَحْرَمَ وَلِحِلِّهِ بَعْدَ مَا رَمَى جَمْرَةَ الْعَقَبَةِ قَبْلَ أَنْ يَطُوفَ بِالْبَيْتِ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I put perfume on the Messenger of Allah for his Ihram when he entered Ihram, and for his exiting Ihram when he had stoned Jamrat Al-Aqabah, before he circumambulated the House
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।