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सुनन नसाई

नंबर 2686

नंबर 2686किताब 24, नंबर 68
أَخْبَرَنَا حُسَيْنُ بْنُ مَنْصُورِ بْنِ جَعْفَرٍ النَّيْسَابُورِيُّ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ طَيَّبْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لإِحْرَامِهِ قَبْلَ أَنْ يُحْرِمَ وَلِحِلِّهِ حِينَ أَحَلَّ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I put perfume on the Messenger of Allah for his Ihram before he entered Ihram, and for his exiting Ihram when he exited Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।