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सुनन नसाई

नंबर 2576

नंबर 2576किताब 23, नंबर 142
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَارِمٌ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ، عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَرْبَعَةٌ يُبْغِضُهُمُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ الْبَيَّاعُ الْحَلاَّفُ وَالْفَقِيرُ الْمُخْتَالُ وَالشَّيْخُ الزَّانِي وَالإِمَامُ الْجَائِرُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah said:"There are four whom Allah, the Mighty and Sublime, hates: The vendor who sells his wares by means of false oaths, the poor man who shows off, the old man who commits Zina and the Imam who is unjust
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।