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सुनन नसाई

नंबर 2577

नंबर 2577किताब 23, नंबर 143
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ ثَوْرِ بْنِ زَيْدٍ الدِّيلِيِّ، عَنْ أَبِي الْغَيْثِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ السَّاعِي عَلَى الأَرْمَلَةِ وَالْمِسْكِينِ كَالْمُجَاهِدِ فِي سَبِيلِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: "The one who strives to sponsor a widow or a poor person is like the one who strives in Jihad in the cause of Allah, the Mighty and Sublime
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।