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सुनन नसाई

नंबर 2575

नंबर 2575किताब 23, नंबर 141
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي يُحَدِّثُ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ ثَلاَثَةٌ لاَ يُكَلِّمُهُمُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ الشَّيْخُ الزَّانِي وَالْعَائِلُ الْمَزْهُوُّ وَالإِمَامُ الْكَذَّابُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: "There are three to whom Allah, it Mighty and Sublime, with not speak on the Day of Resurrection: An old man who commits adultery, a poor man who is arrogant, and an Imam who tells lies
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।