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सुनन नसाई

नंबर 2425

नंबर 2425किताब 22, नंबर 336
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ بَيَانِ بْنِ بِشْرٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنِ ابْنِ الْحَوْتَكِيَّةِ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِرَجُلٍ ‏ "‏ عَلَيْكَ بِصِيَامِ ثَلاَثَ عَشْرَةَ وَأَرْبَعَ عَشْرَةَ وَخَمْسَ عَشْرَةَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ هَذَا خَطَأٌ لَيْسَ مِنْ حَدِيثِ بَيَانٍ وَلَعَلَّ سُفْيَانَ قَالَ حَدَّثَنَا اثْنَانِ فَسَقَطَ الأَلِفُ فَصَارَ بَيَانٌ ‏.‏
It was narrated from Abu Dharr that the Prophet said to a man:"You should fast the thirteenth, fourteenth and fifteenth." (Hasan) Abu 'Abdur-Rahman (An-Nasai) said: This is a mistake, it is not a narration of Bayan; perhaps Sufyan said: "It was narrated to us by two (Ithnan)" and the 'Alif was dropped so it became Bayan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan LighairihiAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।