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सुनन नसाई

नंबर 2424

नंबर 2424किताब 22, नंबर 335
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الأَعْمَشِ، قَالَ سَمِعْتُ يَحْيَى بْنَ سَامٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا ذَرٍّ، بِالرَّبَذَةِ قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا صُمْتَ شَيْئًا مِنَ الشَّهْرِ فَصُمْ ثَلاَثَ عَشْرَةَ وَأَرْبَعَ عَشْرَةَ وَخَمْسَ عَشْرَةَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Musa bin Talhah said:"I heard Abu Dharr, at Ar-Rabadhah, saying: 'The Messenger of Allah said: if you want to fast at any time during the monthm then fast on the thirteenth, fourteenth and fifteenth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।