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सुनन नसाई

नंबर 2426

नंबर 2426किताब 22, नंबर 337
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا رَجُلاَنِ، مُحَمَّدٌ وَحَكِيمٌ عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنِ ابْنِ الْحَوْتَكِيَّةِ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ رَجُلاً بِصِيَامِ ثَلاَثَ عَشْرَةَ وَأَرْبَعَ عَشْرَةَ وَخَمْسَ عَشْرَةَ ‏.‏
It was narrated from Abu Dharr:That the Prophet commanded a man to fast on the thirteenth, fourteenth and fifteenth
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan LighairihiAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।