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सुनन नसाई

नंबर 2369

नंबर 2369किताब 22, नंबर 280
أَخْبَرَنَا زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ بَهْدَلَةَ، عَنْ رَجُلٍ، عَنِ الأَسْوَدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ أَمَرَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِرَكْعَتَىِ الضُّحَى وَأَنْ لاَ أَنَامَ إِلاَّ عَلَى وِتْرٍ وَصِيَامِ ثَلاَثَةِ أَيَّامٍ مِنَ الشَّهْرِ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah commanded me to pray two Rakahs of Duha, and not to sleep until I had prayed witr, and to fast three days each month
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।