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सुनन नसाई

नंबर 2368

नंबर 2368किताब 22, नंबर 279
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَلِيِّ بْنِ الْحَسَنِ بْنِ شَقِيقٍ، قَالَ أَبِي أَنْبَأَنَا أَبُو حَمْزَةَ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ زِرٍّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ مِنْ غُرَّةِ كُلِّ شَهْرٍ وَقَلَّمَا يُفْطِرُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Masud said:"The Messenger of Allah used to fast three days in the middle of every month, and he rarely did not fast on Friday
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।