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सुनन नसाई

नंबर 2370

नंबर 2370किताब 22, नंबर 281
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عَبَّاسٍ، وَسُئِلَ، عَنْ صِيَامِ، عَاشُورَاءَ قَالَ مَا عَلِمْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَامَ يَوْمًا يَتَحَرَّى فَضْلَهُ عَلَى الأَيَّامِ إِلاَّ هَذَا الْيَوْمَ يَعْنِي شَهْرَ رَمَضَانَ وَيَوْمَ عَاشُورَاءَ ‏.‏
It was narrated from 'Ubaidullah that:he heard Ibn 'Abbas, when he was asked about the fast of 'Ashura' say: "I do not know that the Prophet fasted any day because of its virtue, except this day" meaning the month of Ramadan and the day of Ashura
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।