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सुनन नसाई

नंबर 2366

नंबर 2366किताब 22, नंबर 277
أَخْبَرَنِي زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، قَالَ أَنْبَأَنَا النَّضْرُ، قَالَ أَنْبَأَنَا حَمَّادٌ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ أَبِي النَّجُودِ، عَنْ سَوَاءٍ، عَنْ حَفْصَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ يَوْمَ الْخَمِيسِ وَيَوْمَ الاِثْنَيْنِ وَمِنَ الْجُمُعَةِ الثَّانِيَةِ يَوْمَ الاِثْنَيْنِ ‏.‏
It was narrated that Hafsah said:"The Messenger of Allah used to fast Thursday and Monday of each month, and Monday of the following week
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।