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सुनन नसाई

नंबर 2365

नंबर 2365किताब 22, नंबर 276
أَخْبَرَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نَصْرٍ التَّمَّارُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ سَوَاءٍ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصُومُ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ ثَلاَثَةَ أَيَّامٍ الاِثْنَيْنِ وَالْخَمِيسَ مِنْ هَذِهِ الْجُمُعَةِ وَالاِثْنَيْنِ مِنَ الْمُقْبِلَةِ ‏.‏
It was narrated that Umm Salamah said:"The Messenger of Allah used to fast three days of every month: the Monday and Thursday of the first week and the Monday of the following week
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।