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सुनन नसाई

नंबर 2253

नंबर 2253किताब 22, नंबर 164
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ حَنْبَلٍ، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى أَبِي حَدَّثَكُمُ ابْنُ نُمَيْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ سُمَىٍّ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ أَبِي عَيَّاشٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ بَاعَدَ اللَّهُ بِذَلِكَ الْيَوْمِ النَّارَ عَنْ وَجْهِهِ سَبْعِينَ خَرِيفًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Saeed Al-Khudri said:"The Messenger of Allah said: Whoever fasts a day in the cause of Allah, Allah will separate his face (a distance of) seventy autumns from the fire in return for that day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।